What is premature ejaculation:शीघ्रपतन का मतलब है कि वीर्य का जल्दी निकलना। यानी संभोग के दौरान या पहले पुरुषों का वीर्य स्खलित हो जाना शीघ्रपतन कहलाता है। स्त्री की कामोत्तेजना शांत होने से पहले या हस्तमैथुन क्रिया के दौरान यदि पुरुषों का वीर्य स्खलित हो जाता है तो इसका मतलब है कि वह शीघ्रपतन की समस्या से गुजर रहा है। ऐसे में आपको चिकित्सक की सलाह लेने की जरूरत है। आप बिना शर्म और झिझक के डॉक्टर से किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ले सकते हैं।
Due to premature ejaculation:शीघ्रपतन के दो कारण है- लाइफ लॉन्ग (प्राइमरी), एक्वायर्ड (सेकेंडरी)। शीघ्रपतन की समस्या पहली बार या किसी नए पार्टनर के साथ संभोग करने के दौरान कामोउत्तेजना के ज्यादा प्रवाह होने के चलते भी ये हो सकता है। अगर लंबे समय के बाद संभोग किया जाए तो भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अपनी पार्टनर के बीच के रिश्तों के बारे में तनाव या ज्यादा सोचना भी शीघ्रपतन में महती भूमिका निभाता है। घर-परिवार को लेकर या किसी भी बात का तनाव भी शीघ्र पतन का कारण होता है।
Treatment of premature ejaculation:शीघ्रपतन कोई लाईलाज बीमारी नही है इसका इलाज सम्भव है। जहां तक स्टेमिना की बात है तो यह हर स्वस्थ पुरूष में प्राकृतिक रूप से विद्यमान रहती है जिसे वे ठीक तरह से महसूस नहीं कर पाते। यदि वे सहवास के समय सहवास, भोजन के समय भोजन के बारे में सोचें तो उनकी स्टेमिना में फर्क साफ दिखेगा। यानी आप जब जो काम करें उसे पूरी ताल्लीनता के साथ करें। दिन-रात केवल सहवास के विषय में ही सोचते रहने से तथा अपनी स्टेमिना पर अकारण ही शंका करते रहने से वास्तविक यौन शक्ति पर मानसिक रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो धीरे-धीरे शारीरिक रूप से भी कमजोर कर देती है। हर पुरूष की रचनात्मक सोच ही उसकी सहवास शक्ति को मजबूत बनाती है जिससे उनके शरीर में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा व स्फूर्ति उत्पन्न होती है।
Change in catering:
शीघ्रपतन ठीक करने और ऊर्जा व स्फूर्ति को कायम रखने के लिए खान-पान का भी बहत बड़ता योगदान होता है। जहां तक मांसाहारी व गरिष्ठ भोजन की बात है तो इससे संबंधित खाद्य-पदार्थ सुपाच्य नहीं होते तथा पाचन क्रिया पर दुष्प्रभाव छोड़ते हैं। दूसरी ओर शाकाहारी भोजन प्राकृतिक गुणों से परिपूर्ण व सुपाच्य होता है। ऐसे भोजन को पचाने के लिए शरीर की अतिरिक्त ऊर्जा भी खर्च नहीं होती तथा व्यक्ति को यौन शक्ति भी अनुकूल बनी रहती है। ताजे मौसमी फल, कच्ची सब्जियां, अंकुरित आनाज, दूध, शहद, लस्सी आदि निरोगी पदार्थ हैं जिनके सेवन से शरीर शक्ति से भरपूर निरोग बना रहता है।
यौन हार्मोन्स के संचालन हेतू शरीर को कई विटामिन्स की जरूरत पड़ती है जो फलों व सब्जियों में भरपूर मात्रा में होते हैं इसके अलावा यौन शक्ति में नया जोश जगाने का कार्य पालक, गाजर, टमाटर, पता गोभी, पपीता, आम, केला आदि भी करता है। इसके अलावा एक्सरसाइज और योग रोजाना करें।